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नहीं देखा

Thalaivaa Akshat

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            दरिया तो देखा है,मगर उसके अंदर नहीं देखा,
        
                                                    
                            
सच कहूं तो आज तक मैंने समंदर नहीं देखा l

उसे गली में उसे जाते तो कई बार देखा है,
मगर आज तक मैंने उसे गाली के अंदर नहीं देखा l

लोगों से झूठ कहता हूं कि तेरा घर देखा है,
सच ये है कि मैं तेरा शहर भी नहीं देखा l

लोग कहते हैं ये इश्क नहीं हवास है तुम्हारी,
सच कहूं तो उसे कभी इस नजर से नहीं देखा l

तुम क्या हो अश्क तुम्हें मालूम नहीं शायद,
क्या तुमने आज तक अपने भीतर नहीं देखा l
10 घंटे पहले
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