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शिव रुद्र स्तुति

Sushant Malik

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            शिव भगवन मात्र नहीं
        
                                                    
                            
पूर्ण काल हैं वो
शून्य पे सवार हैं
तो जानो महाकाल हैं वो
महा ब्रह्म हैं जो
ब्रह्मांड ही आकार उनका
हैं गौरी के जब शंकर वो
तो रूप है साकार उनका
हैं साधुओं के चित्त में जब
तो स्वरूप है निराकार उनका
जटाओं में वो बैठा चंद्र
शिव सौम्य का ही पक्ष है
त्रिनेत्र है जो विराजमान
है अग्नि कुंड शक्तिमान
सूर्य भी तो उसका अक्ष है
खुलते कपाट उसके
जब पापी कोई दक्ष है
जय महाकाल।।। हर हर महादेव
- सुशांत
एक वर्ष पहले
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