जो देखे मेरे मुल्क को बुरी मंशा से,
उसकी औकात दिखानी है।
हम होने नहीं देंगे जायर इस आजादी को,
जिसके लिए वीरों ने दी कुर्बानी है
ये बात पुरानी है,
हमने भी कुछ ठानी है।
लुट जाती है बहू बेटी की अस्मत सरेआम,
ये कैसा गुंडागर्दी ये कैसी मनमानी है,
आओ ले संकल्प सब,
एक सुन्दर भारत देश बनाना है
ये बात पुरानी है,
हमने भी कुछ ठानी है।
- सूर्यकांत
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