विंटेज फिल्मी लुक 80' रेट्रो ट्रेंड
दुनिया गोल है, घूम के वहीं आना है,
हर नया फैशन पुराना बन जाना है।
हम भागे आगे, पर पीछे ही ठौर है,
फिर लौट आया वही पुराना दौर है।
बेलबॉटम पैंट फिर से बाजार छाई है,
बाप की अलमारी बेटे को भाई है।
काला चश्मा, रुमाल वही सजा है,
अस्सी वाला हीरो फिर जवां खड़ा है।
कभी जिसे कहा था आउटडेटेड यार है,
आज वही देखो सबसे बड़ा प्यार है।
शर्ट के बटन खुले, चैन गले झूलती,
वही पुरानी शान अब नई लगती फूलती।
फिल्टर में दाने, तस्वीर में धूल है,
पर उसी धूल में असली उसूल है।
नया-नया कह के सब घूम फिर आते हैं,
अंत में पुराने को ही गले लगाते हैं।
वक्त का पहिया सीधा नहीं गोल चलता,
हर दौर का फैशन लौट-लौट पलता।
जींस कसी हुई, जुल्फें फिर वही हैं,
बाप-दादों की अदा में ही खुशबू सही है।
नया नहीं, यही तो असली स्टाइल है,
सादगी में लिपटा गजब का स्माइल है।
रेट्रो ट्रेंड नहीं, ये तो टाइमलेस टशन है,
अस्सी के हीरो वाला आज भी फैशन है।
समझ लो ये ट्रेंड नहीं वक्त की चाल है,
जो पुराना लगे वही असली माल है।
दुनिया गोल है, सबको वहीं पहुंचना है,
जाके आगे भी पीछे ही लौटना है।
-सुरजीत क्रान्ति