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सच से दुरी

Suresh Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            सच में ,
        
                                                    
                            
जो झूठ का - -
सहारा लेता है,
या यों कहे तो - -
जो झूठ ,
बोलने के - -
आदी हो जातें हैं ,
उन्हें सच बोलने में - -
कठिनाइयाँ होने,
लगता है - -
और धीरे - धीरे,
उसे सच से - -
या बोलने से वास्ता,
खत्म होने - -
लगता है l

दूसरे शब्दों में ,
जब आप - -
झूठ का सहारा लेकर ,
किसी गलती को -
छुपाने का - -
प्रयास करते हैं ,
तो समझ जाइये - -
आप सुधार की ,
संभावनाओं को - -
कम कर रहे हैं l

इसी क्रम में

यदि झूढ बोलने की ,
आदत हो जाती है - -
या पड़ जाती है तो ,
आपके लिए - -
सच बोलना ,
बहुत ही - -
कठिम हो जाता है l
-सुरेश कुमार झा 'अल्हर'
एक दिन पहले
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