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चमन हो, चमन में आशियां हो

Suraj Chaubey

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            इन थकी हुई आंखों में
        
                                                    
                            
तुझे बसाना चाहे मन...
इन बिखरी हुई जुल्फों को
सजाना, संवारना चाहे मन
तू खिल उठे
इस फिज़ा में
ऐसी बहार मैं ला दूं
चमन हो, चमन में आशियां हो
साजे सितार बजा दूं
तू मुस्कुराए मंद मंद
हसीन सपने सजाए मन
तेरी इन सुरमई आंखों में
काजल लगाना चाहे मन...
एक महीने पहले
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