देखकर वो जो मंजर सारा..
कितने दिल ही रोए थे!
प्रेम दिवस पर नींद मुक़म्मल..
40 आशिक सोए थे..
उन आशिकों के देख इरादे..
बेवफा तक भी रोये थे..
क्योंकि...
अपनी जान से ज्यादा उनको..
मुल्क अपना प्यारा था
सीख लो यूं जान लुटाना..
अपने-अपने प्यार में...
कैसे रुलाते हैं सबके दिल को..
जान लो तुम मतवालों से..
मोह-माया को मान मोहब्बत..
हम इतने स्वार्थी हो चले..
valantine तो याद है सबको
पुलवामा को हम भूल गए..!?
विनती करता हूं मैं,तुमसे..
Salute उनको कर लेना..
देश की जनता पल भर खातिर..
याद पुलवामा कर लेना।
याद पुलवामा कर लेना।।