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ममता और त्याग की दीप

Sudhakar Thakur

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            माता की ममता सागर से गहरी ,
        
                                                    
                            
पिता का साया पर्वत सा अडिग।
उनके आशीर्वाद से खिलता है दुनिया,
चरणों में उनके बसता है स्वर्ग।

मां के आंचल में मिलती है छांव,
हर दुख दर्द का वहां मिलती है घाव।
पिता की उंगली पकड़ चलना सीखा,
सपनों की ऊंचाइयों तक पहुंचना सीखा।

उनकी मेहनत, उनकी कुर्बानी,
बिना शब्दों के कह जाती कहानी।
हमारे आंसू को अपना बनाते,
खुशियों की दुनिया हमारे लाते।

चलो कर वादा, उन्हें न रुलाएंगे,
उनकी उम्मीद को सच कर दिखाएंगे।
माता-पिता ही है, सबसे बड़े भगवान,
उनकी सेवा में है सच्चा ईमान।
 
एक वर्ष पहले
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