माता की ममता सागर से गहरी ,
पिता का साया पर्वत सा अडिग।
उनके आशीर्वाद से खिलता है दुनिया,
चरणों में उनके बसता है स्वर्ग।
मां के आंचल में मिलती है छांव,
हर दुख दर्द का वहां मिलती है घाव।
पिता की उंगली पकड़ चलना सीखा,
सपनों की ऊंचाइयों तक पहुंचना सीखा।
उनकी मेहनत, उनकी कुर्बानी,
बिना शब्दों के कह जाती कहानी।
हमारे आंसू को अपना बनाते,
खुशियों की दुनिया हमारे लाते।
चलो कर वादा, उन्हें न रुलाएंगे,
उनकी उम्मीद को सच कर दिखाएंगे।
माता-पिता ही है, सबसे बड़े भगवान,
उनकी सेवा में है सच्चा ईमान।
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