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उस्ताद

suckhi singh

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            मुझसे कुछ पहले नहीं, मुझसे कुछ बाद नहीं,
        
                                                    
                            
बहुत कुछ है याद मुझे, पर सब कुछ याद नहीं।
न विरासत में मिला, न किसी ने सिखाया है मुझे,
मैं खुद ही अपना उस्ताद हूं, मेरा कोई उस्ताद नहीं।
-सुखप्रीत सिंह "सुखी "
 
एक घंटा पहले
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