मुझसे कुछ पहले नहीं, मुझसे कुछ बाद नहीं,
बहुत कुछ है याद मुझे, पर सब कुछ याद नहीं।
न विरासत में मिला, न किसी ने सिखाया है मुझे,
मैं खुद ही अपना उस्ताद हूं, मेरा कोई उस्ताद नहीं।
-सुखप्रीत सिंह "सुखी "
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