विज्ञापन

सुषमा स्वराज माँ

Srishti Singh

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            करुणामयी,ममतामयी,
        
                                                    
                            
तेजमयी तुम सुषमा माँ
शक्तिस्वरूपा,रूपअनूपा
सौम्यमयी तुम सुषमा माँ

विदुषी गुणी,संस्कृति रक्षक
कर्तव्यनिष्ठ तुम सुषमा माँ
संकल्प स्वप्न को पूरा कर
हो गयी अमर तुम सुषमा माँ

भारतवर्ष की आँख हुई नम
हे मंजुभाषिणी ! सुषमा माँ
भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पण
करें सृष्टि आपको सुषमा माँ


-srishti 

- हमें विश्वास है कि हमारे पाठक स्वरचित रचनाएं ही इस कॉलम के तहत प्रकाशित होने के लिए भेजते हैं। हमारे इस सम्मानित पाठक का भी दावा है कि यह रचना स्वरचित है। 

आपकी रचनात्मकता को अमर उजाला काव्य देगा नया मुक़ाम, रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें
7 वर्ष पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Anurag vishwkarma (aiyaar)

8 कविताएं

View Profile

Priya Mehra

1 कविता

View Profile