बैठे हुए पुलिया पर
दिखते ये बुजुर्ग मुझे
सुबह प्रतिदिन गुजरता
जब मैं उधर से।
गुजरती गाड़ियां
झर रहे पत्ते
सुबह की सुंदर बयार
इन सबसे बेखबर से।
झुके अपने फोन पर
उंगलियों में सिगरेट
निकलता धुंआ
मिलता हुआ धुंध से।
सोचता हूं, होंगे
क्या इनके मित्र
या परिवार कोई
एकांतावस्था है, या अकेले से?