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माँ की ममता

Shubham Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            माँ ही मन्दिर, माँ ही मस्जिद, माँ ही गुरु का द्वार है
        
                                                    
                            
धन्य है तेरी कृपा मेरी माँ तू ईश्वर का अवतार है

होता है हर मुश्किल का हल तू ज्ञान का भण्डार है
दे देती है मेरे हर प्रश्न का उत्तर सर्वोत्तम तेरे विचार हैं

निर्मल है माँ तेरी ममता पावन तेरा प्यार है
मिलता है माँ तुझसे जीवन तुझसे ही संसार है

घर होता है माँ तुझसे रोशन तुझसे ही परिवार है
बाँध रखा है सबको एक सूत्र में ऐसा तेरा प्यार है

बातें तेरी प्यारी-प्यारी डांट भी तेरी सबसे न्यारी
होती है जब तू मुझ पर गुस्सा तेरे गुस्से में भी प्यार है
धन्य है तेरी कृपा मेरी माँ तू ईश्वर का अवतार है

देखे हैं बदलते हमने हर उम्र में रिश्ते
नहीं बदलता जो जीवनभर वो माँ का ही प्यार है

त्याग की तेरे कोई नहीं है सीमा जाने सब संसार है
कद्र करे ना जो माँ की अपनी जीना उसका बेकार है

शुभम् , मुरादाबाद
उत्तर प्रदेश
2 वर्ष पहले
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Milan Thakur

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