हाँ, मन को हरने वाले वो मेरे
मुरली मनोहर कृष्ण प्यारे हैं।
मथुरा, वृन्दावन हर धाम में श्याम दीवाने हैं,
वो नैनों के मतवाले, हर दीन के रखवाले
वो ही तो मुरली मनोहर कृष्ण प्यारे हैं।
कृष्णा, कान्हा, माधव, मुरली मनोहर, श्याम
न जाने कितने नामों से सब उनको पुकारते हैं।
जो देखे बस श्याम सलोने को, **उनको दिखाई दे**
**सुन्दर-सुन्दर नजारे हैं।**
मेरे श्याम की जब भी देखो, और दिन-
ब-दिन वो लगते प्यारे हैं।
नामों में उनके नाम अनेक, जैसे
गौरी शंकर, जय हनुमान के भक्त भी,
राधा-कृष्ण पुकारते हैं।
वो मुरली मनोहर कृष्ण प्यारे हैं,
वो गायों के रखवाले, वो माखन खाएं छुप-छुप कर
माखन चुराने वाले।
मेरे माधव के तो सब ढंग सबसे निराले हैं,
वो मुरली मनोहर कृष्ण प्यारे हैं।
मेरे साँवरिया से कान्हा सबसे न्यारे हैं,
वो मुरली मनोहर, राधा, रुक्मणी, मीरा सब
की प्रीत के चाहने वाले हैं,
वो मुरली मनोहर कृष्ण प्यारे हैं।