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"अमर उजाला काव्य" को पहला जन्मदिवस मुबारक: नन्हें-नन्हें क़दमों की तेज़ रफ़्तार

Shikha Sharma

Halchal
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                            "अमर उजाला काव्य" बचपन के गलियारों से गुजरता हुआ अब एक मंच बन चुका है। एक ऐसा मंच जो उन गुमनाम कवियों के लिए सर्वमंच है जिनके पास खामोशियां हैं, कलम है, शब्द है, भावनाएं हैं लेकिन उनको व्यक्त करने और दुनिया तक पहुंचाने के लिए कोई बेहतर जरिया नहीं था। पिछले एक साल से जरिया बना "अमर उजाला काव्य" और एक ऐसा मुकाम हासिल किया जो अब तक किसी डिजिटल न्यूज़ नेटवर्क ने नहीं किया है। एक ऐसा मंच जो "अमर उजाला" के सिवाए अब तक किसी भी डिजिटल न्यूज़ नेटवर्क के पास नहीं है।
        
                                                    
                            

कितनी ही ख़ामोशियों को शब्द मिले
कितने ही शब्दों को अर्थ मिले
कितने ही कवियों को कलम मिली
जो "अमर उजाला काव्य " में बन कमल खिले

इस सुनहरे अवसर पर "अमर उजाला काव्य" अपने जन्मदिवस के उन लम्हों को याद कर रहा है जब "अमर उजाला न्यूज़ नेटवर्क" ने "अमर उजाला काव्य" का आगाज़ किया था। 2 जुलाई यानि आज के ही दिन आगरा में कविता महाकुम्भ का "अमर उजाला काव्य" रूपी सामाजिक मंच तैयार हुआ। आगाज़ होते ही हज़ारों गुमनाम कवियों के प्यार की बाढ़ आ गई। ऐसा लग रहा था मानो भरी दुपहरी में किन्हीं प्यासे राहियों के झुंड को पानी का मीठा झरना मिल गया हो और ये प्यास, ये प्यार, ये वात्सल्य इतना प्रगाढ़ है कि पल-पल, क्षण-क्षण आसमान के तारों की तरह अनगिनत होता जा रहा है।

आगाज़ हुआ नई राह बनी
भटकी भावनाओं को पनाह मिली
"अमर उजाला काव्य" के
चहेतों को इक चाह मिली

"अमर उजाला काव्य" अपने नन्हे-नन्हे कदमों से हलचल, इरशाद, मेरे अल्फ़ाज़,काव्य चर्चा, फ़िल्मी नगमें, वायरल, हास्य, मैं इनका मुरीद, हाइकु, विश्व काव्य, किताब समीक्षा, मेरा शहर मेरा शायर और मुड़-मुड़ के देखता हूं जैसे घुंघुरुओं की छनछनाहट से विश्व भर में अपने चाहने वालों की लंबी फेहरिस्त बना ली है। इतने कम समय में अपनी लोकप्रियता हासिल करने वाला "अमर उजाला काव्य" अपने बचपन में बुलंदी के पंखों से दुनियाभर का भ्रमण कर रहा है। ये सफर इतना सुहाना है कि हर कदम पर ढेर सारा प्यार मिल रहा है। नतीजन "अमर उजाला काव्य" ने रीजनल लोकल ब्रांड के अंतर्गत ज्यादा से ज्यादा पाठकों को इंगेज करने के लिए बेस्ट लॉन्च ब्रांड कैटेगरी (डिजिटल इंगेजमेंट) में तथा डिजिटल रीडरशिप इंगेजमेंट को बढ़ाने के लिए बेस्ट आइडिया (क्रिएट ऑडियंस सेगमेंट) कैटेगरी में कांस्य पदक हासिल कर लिए।

सम्मान समारोह की महफ़िल सजी
अवॉर्ड मिले सराहना मिली
"अमर उजाला काव्य"
सबके दिल की धड़कन बना

"अमर उजाला " का यह "काव्य" प्रयास पाठकों, कवियों और शायरों के दिल की धड़कन बन चुका है. "अमर उजाला" द्वारा तैयार किया गया यह सर्वमंच छोटे-छोटे कवियों, शायरों को नया मुकाम और पहचान देने के लिए अग्रसर है। "अमर उजाला काव्य" की बुलंदियां और ये सुहाना सफर यूं ही बरकार रहे।

सफर ये सुहाना चलता रहे
प्यासों को यूं ही मंजिल मिलती रहे
"अमर उजाला काव्य" के जन्मदिवस पर
शुभकामनाएं फूल बन खिलती रहे
8 वर्ष पहले
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