एक दिन भगवान के दरबार में सबका हिसाब होगा ,,
किसी के हिस्से आएगा....
प्रेम ,,
क्रोध ,,
बेवफाई ,,
दूरी ,,
किसी के हिस्से आएगा...
दौलत ,,
गरीबी ,,
भुखमरी,,
किसी के हिस्से आएगा ...
अहंकार ,,
दयालुता ,,
फरेब ,,
और एक मेरे हिस्से आओगी....
सिर्फ तुम... सिर्फ तुम...सिर्फ तुम !!