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सैनिकों की आवाज़

शिवम

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            मेरे देश की सरहदों का सिपाही,
        
                                                    
                            
उठा शीश दुश्मन से ये कह रहा है ।
तुम्हारे वतन में लहू बह रहा है,
हमारे लहू में वतन बह रहा है ।।

ये सच है तुम्हारे ही घुसपैठियों से,
हमारा तो गुस्से में तन जल रहा है ।
हमारा तो केवल ये तन जल रहा है,
तुम्हारा तो सारा वतन जल रहा है ।।

भले पार सीमा के आतंकियों से,
हमारे चमन का अमन ढह रहा है;
हमारा तो केवल अमन ढह रहा है,
तुम्हारा तो पूरा वतन ढह रहा है ।।
- शिवम कुमार 'आज़ाद'
 
11 महीने पहले
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