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पछताने से क्या होगा

SHASHI BHUSHAN

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            सारे हथकंडे अपनाए,
        
                                                    
                            
लौट के बुद्धू घर को आए,

होनी टाल न पाया कोई,
अंधियारे को कौन भगाए,

पछताने से क्या होगा अब,
वक्त के रहते अक्ल न आए,

जोश,हौसला और जवानी,
करे वही जो मन को भाये,

छोड़ गया संसार मुसाफ़िर,
चिंता क्यों रह-रहकर खाए,

साथ गया ना बंगला गाड़ी,
ख़ाली हाथ जगत से जाए,

करले नाम कमाई 'गुंजन',
अंत समय में ना पछताये,
--शशि भूषण मिश्र 'गुंजन'
11 घंटे पहले
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