विज्ञापन

पर शायद खुद को नहीं बचा पाए।

Shakti

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            अंत में हम में से एक टूटेगा,
        
                                                    
                            
और एक बिखरेगा…

कोई खामोश हो जाएगा,
कोई तन्हा रह जाएगा।

हमने बहुत कुछ बचाया था,
पर शायद खुद को नहीं बचा पाए।

अंत में एक टूटेगा,
एक बिखरेगा…
और दोनों के बीच
कुछ हमेशा के लिए मर जाएगा।
4 घंटे पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Sanjeev Kumar

89 कविताएं

View Profile

Anila Virnave

6 कविताएं

View Profile

DINESH PRAJAPATI

3 कविताएं

View Profile