विज्ञापन

दिल के करीब

Shakeel Jay

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            तुम हमेशा मेरे दिल के करीब थी,
        
                                                    
                            
और रहोगी, चाहे दूर कितनी भी सही।

तुम्हारी यादों से आज भी बातें करता हूँ,
खामोशी में तुम्हारा नाम पढ़ता हूँ।
वक्त ने बहुत कुछ बदल दिया मेरे अंदर,
मगर तुम्हें चाहने का सिलसिला नहीं बदला।

कभी तुम मेरी सुबह की पहली वजह थीं,
कभी मेरी रातों की आखिरी दुआ थीं।
आज भी जब अकेला बैठता हूँ कहीं,
तो लगता है तुम मेरे पास ही खड़ी थीं।

मैंने तुमसे कोई शिकायत नहीं की,
अपने हिस्से की हर तकलीफ़ सह ली।
तुम खुश रहो, बस यही चाहा दिल ने,
अपनी खुशी भी तुम्हारे नाम कर दी।

कुछ रिश्ते मुकम्मल होकर भी अधूरे रहते हैं,
कुछ लोग दूर होकर भी दिल में पूरे रहते हैं।
तुमसे मिलना शायद मेरी किस्मत में था,
और तुम्हें याद करना मेरी आदत में रहा।

ना कोई वादा माँगूँगा, ना कोई जवाब,
बस दिल में तुम्हारा एहसास रहने दो।
अगर कभी मेरी याद आए तुम्हें,
तो पलभर के लिए मुझे अपने पास रहने दो।

तुम हमेशा मेरे दिल के करीब थी,
और रहोगी, चाहे ज़िंदगी बदल जाए।
मेरी कहानी का अंत चाहे जैसा हो,
तुम्हारा नाम मेरे दिल से कभी न मिट पाए.
-समीर "प्यासा"
3 hours ago
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Anil Kumar

4253 कविताएं

View Profile

Diya Singla

31 कविताएं

View Profile

Herat Indori

3 कविताएं

View Profile