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आजकल ज़िन्दगी

Shaily Bhagwat

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            आजकल ज़िन्दगी कुछ इस तरह मुस्काती है
        
                                                    
                            
खूबसूरत  मुझे हर शाम नज़र  आती है

हर पहर हर घड़ी अब दिल रहे गुलज़ार मेरा
ख़ुशबू यादों की तेरी दिल को यूँ महकाती है

डर नहीं लगता है अब मुश्किलों के आने से
हौसलें भर जुबाँ जब गीत नये गाती हैं

अब बचाने में तुझे ख़ुद को सँभाले कब तक
ये घुटन दिल से परे रूह तलक जाती है

इक मुलाक़ात में पहचान कहाँ पाओगे
रंगतें चेहरों की रोज़ बदल जाती हैं
7 महीने पहले
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