आजकल ज़िन्दगी कुछ इस तरह मुस्काती है
खूबसूरत मुझे हर शाम नज़र आती है
हर पहर हर घड़ी अब दिल रहे गुलज़ार मेरा
ख़ुशबू यादों की तेरी दिल को यूँ महकाती है
डर नहीं लगता है अब मुश्किलों के आने से
हौसलें भर जुबाँ जब गीत नये गाती हैं
अब बचाने में तुझे ख़ुद को सँभाले कब तक
ये घुटन दिल से परे रूह तलक जाती है
इक मुलाक़ात में पहचान कहाँ पाओगे
रंगतें चेहरों की रोज़ बदल जाती हैं
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