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जरा सा खुद को पढ़ लूं मैं

SHAILESH KUMAR AGGARWAL

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            जरा सा खुद को पढ़ लूं मैं ,जरा सा याद मैं कर लूं
        
                                                    
                            
मैं कितना हूं मैं कैसा हूं, खुद से बात ये कर लूं
बड़ी मतलब की दुनियां है, सहारा किसको देती है
मैं खुद से ही संभल जाऊं, जरा हालात ये कर लू
मुक्कदर से कभी अपने, शिकायत की नही मैने
समय थोड़ा सा रूठा है,उसे बस साथ मैं कर लूं
जो हंसते हैं अभी मुझ पर,उन्हे हंसने दो मत रोको
हंसू ना मैं कभी खुद पर,ये बिलकुल साफ मैं कर लूं
जिन्हे परवाह है मेरी, जिन्हे मेरी जरूरत है
उन्हे "शैलेश" कहता है, कि दिल के पास मैं रख लूं

 
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