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तेरी याद दिल से निकलती नहीं है

Şhahnawaz Pahat

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            तेरी याद दिल से निकलती नहीं है
        
                                                    
                            
हवा बेवफ़ाई की बदलती नहीं है
तेरी याद दिल से निकलती नहीं है
हवा बेवफ़ाई की बदलती नहीं है

ज़हन में गूँजती हैं मेरे ग़म की सदाएं
याद आती हैं ज़ालिम वो क़ातिल अदाएँ
जो खला थी दिल में है गम का बसेरा
तेरी कमी हरजाई अब खलती नहीं है

तेरी याद दिल से निकलती नहीं है
हवा बेवफ़ाई की बदलती नहीं है
तेरी याद दिल से निकलती नहीं है
हवा बेवफ़ाई की बदलती नहीं है

तेरा जो वादा था जन्मो जनम का
वादा जो टूटा छूटा संग सनम का
ना तेरा भरोसा ना वफ़ा ओ क़सम का
शमा प्यार की दिल में अब जलती नहीं है

तेरी याद दिल से निकलती नहीं है
हवा बेवफ़ाई की बदलती नहीं है
तेरी याद दिल से निकलती नहीं है
हवा बेवफ़ाई की बदलती नहीं है

विसाल ए यार को मैं तरसता रहा
अश्कों का सावन बरसता रहा
लाख चाहे कोई आंसू बहाए
स्याही किस्मत की धुलती नहीं है

तेरी याद दिल से निकलती नहीं है
हवा बेवफ़ाई की बदलती नहीं है
तेरी याद दिल से निकलती नहीं है
हवा बेवफ़ाई की बदलती नहीं है
-अश्क़ फ़तेहपुरी
एक घंटा पहले
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