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“स्त्री की परिभाषा

Shabnam Chhipa

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            सूरज की पहली किरन की तरह
        
                                                    
                            
हवा की तरह चंचल

झरने की तरह बहती धारा
समंदर की तरह गहरी

पंछी की तरह उड़ती
गुलाब की तरह महकती हुई

शहद की तरह मीठी
चांदनी की तरह चमकती हुई
सर्दी की पहली ओश की तरह
 
4 घंटे पहले
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