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तुझसे मेरा रिश्ता

SATYANIDHI DWIVEDI

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            वो जो अपनी ज़िद पूरी करने में ज़रा भी माहिर नहीं लगता है,
        
                                                    
                            
दिल की बात छुपा ले, वो इतना भी आलिम नहीं लगता है।
मेरे इश्क के जज्बातों ने उससे तरजीह माँगी थी,
फिर भी वो न जाने क्यों मेरा रहबर नहीं लगता है!
— सत्यनिधि द्विवेदी 'अंशिल'
6 घंटे पहले
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