आंखें एक प्रकाशपुंज दिखाती है दुनिया के विविध रंग
आंखें एक अंधेरे राह का दिया महसूस कराती अभय है संग
आंखें एक मनोविश्लेषक पढ़ लेती हर चेहरे के गहरे भाव
आंखें एक अभिनेत्री व्यक्त कर देती आंतरिक स्थिति
आंखें एक सेतु जोड़ देती दो अलग किनारों को एक साथ
आंखें वादा करवाती दो ध्रुवों से आजीवन थामे रखने को हाथ
आंखें अग्नि का स्रोत डर पैदा कर देती जो कायरों में
आंखें जो मदद करती रखने में खुद को भी दायरों में
आंखें जो चमक उठती प्रसन्नता जाहिर करने को
आंखें जो दहक उठती क्रोध की चिंगारी भड़काने को
आंखें सूनी भी हो जाती प्रियतम की राह में विरहन बन
आँखेंं खिल कर दूनी भी हो जाती जब प्रेम से भर जाए मन
आँखें समाहित करलें घनघोर घटाओं को भी अपने तन में
आंखें सागर को भी पनाह दे देती हैं अपने अथाह गहरे मन में
आंखें एक अनमोल वरदान ही हैं हमे कुदरत की
जो वंचित रहा है रहा कठिन डगर उस जीवन की
वंचित रहा वह कुदरत की सुंदरता के अनुभव से
वंचित रहा वह प्रेम छलकाती आंखों से बरसी ममता से
सरोज यादव सरु
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