कोरोना का बढ़ता कहर, हर गली हर शहर - शहर ।।
कोरोना का मचा कोहराम , चीन से भारत तक सबकी नींद हराम ।
विश्व स्वास्थ्य संगठन की घोषणा ये है महामारी
जिससे हराने की हम सबकी है नैतिक जिम्मेदारी ।
अब तो विदेशों में भी गूँज रहे है भारतीय संस्कृति के बोल , हैलो छोड़ नमस्ते बोल ।।
आम लोगो की हालत है खस्ता, मास्क ,सेनिटाईजर नहीं मिल रहा सस्ता ।
दाम छू रहे है आसमान , आम आदमी है परेशान ।।
कोरोना की दहशत है छाई
अब तो घर से बाहर निकलने में भी आफत आई
कल तक जो बॉस से छुट्टी माँगते वक्त भी डरते थे आज बॉस के आदेश पर वो भी फरमा रहे है आराम
स्कूल कॉलेज और सिनेमा हॉल पर भी लगा विराम ।।
सोशल मीडिया की अफ़वाहो से हमें है बचना ।
मास्क पहनकर ही बाहर है निकलना ।।
कोरोना को हमे है भगाना , साफ़-सफाई के नियमों को है अपनाना ।
खाँसना छिंकना अब कोहनी पर ही करना है ।
20 सेकेंड तक हाथों को धोकर साफ़ हमें रखना है ।। चलो आज से करे प्रण हराकर रहेगे कोरोना
ताकि फिर किसी को ना पड़े इसकी वज़ह से रोना।।
सपना वर्मा
कस्तूरी राम कॉलेज
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