सूरज जैसी थी उनकी छवि ।
उनकी कविताओं पर मगन था,
संसार का हर कवि ।
मानवता को बढ़ावा देना ,
मानवता की रक्षा उनका सपना था ,
हर भारतीय लगता उनको अपना था ।
तीन देशों के राष्ट्रगान का प्रेरणास्रोत बनी ,
वह महान कवि बहुमुखी प्रतिभा का धनी ।
रवींद्रनाथ टैगोर था उनका नाम ,
प्यार से कहते थे लोग उन्हें गुरुदेव और रवि ।
सूरज जैसी थी उनकी छवि ।
- सपना