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रविंद्रनाथ टैगोर

                
                                                         
                            सूरज जैसी थी उनकी छवि ।
                                                                 
                            
उनकी कविताओं पर मगन था,
संसार का हर कवि ।
मानवता को बढ़ावा देना ,
मानवता की रक्षा उनका सपना था ,
हर भारतीय लगता उनको अपना था ।
तीन देशों के राष्ट्रगान का प्रेरणास्रोत बनी ,
वह महान कवि बहुमुखी प्रतिभा का धनी ।
रवींद्रनाथ टैगोर था उनका नाम ,
प्यार से कहते थे लोग उन्हें गुरुदेव और रवि ।
सूरज जैसी थी उनकी छवि ।


- सपना
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3 वर्ष पहले

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