हर श्वास मुझसे कह रही है,
तुझे जीना भी मेरे संग है,
और मरना भी मेरे संग है।
मैं तेरी खुशी भी हूँ,
मैं तेरा दर्द भी हूँ,
मैं तेरा क्रोध भी हूँ,
मैं तेरी शांति भी हूँ।
मुझे हर पल महसूस करके तो देख,
मैं तेरे संग हर पल रहती हूँ,
तेरे मौन में, तेरी धड़कन में,
मैं तुझसे ही कुछ कहती हूँ।
मुझसे तेरी कोई बात छिपी नहीं,
मैं तेरे हर कर्म की साक्षी हूँ,
तेरे हर भाव, तेरे हर विचार में,
मैं ही तेरी मौन अभिव्यक्ति हूँ।
मैं दिन भी हूँ, मैं रात भी हूँ,
मैं जीवन की हर सौगात भी हूँ,
मैं फूलों की महकती खुशबू हूँ,
मैं प्रकृति की हर बात भी हूँ।
मुझमें ही पूरा ब्रह्मांड समाया है,
मुझसे ही जीवन का अर्थ आया है,
जिसने मुझे भीतर जाकर पहचाना,
उसने अपने अस्तित्व का रहस्य पाया है।
मैं आदि हूँ, मैं अनंत हूँ, मैं ही जीवन का वसंत हूँ,
मैं ही आरंभ, मैं ही अंत हूँ, मैं जीवन हूँ, मैं मृत्यु हूँ।