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Sankhajit Bhattacharjee

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            अगर आए हो तो सुनना पड़ेगा।
        
                                                    
                            
अगर नहीं सुनोगे तो
काम कैसे करोगे?
जो कभी सुना नहीं,
उसे काम करना बिलकुल नहीं आता।
और जो बहुत काम किया है,
वह सबसे ज्यादा सुना है-
उसके दो कान हैं:
एक कान से सुनता है
और दूसरा कान से निकलता है।

आए हो तो सुनो,
सुनो और आगे बढ़ो।

सुनो, लेकिन किसी को सुनाओ मत।
जो सुनाता है,
वह मालिक होता है।
याद रखो कि तुम मालिक नहीं हो।
कभी मालिक बनने की कोशिश न करो।
एक घंटा पहले
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विजय कुमार

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