फूलों की वादियाँ, चिड़ियों की चहक, कर देती जीवन को मनमोहक ।
नीले-पीले फूलों पर भँवरों का डेरा, हर सवेरा लाता खुशियों का सवेरा।
निष्ठा-सी अडिग खड़ी चट्टानें, छिपाए हैं कितने ही अनजाने अफसाने।
पवन संग लहराती हरी घासें, मन में भर जातीं नई आशाएँ।
पंछी-वृक्षों का मिलाजुला कलरव, सुनाता है वन का सुखी गौरव ।
चाँदनी में नहाया रात का वन, सिखाता है सुकून भरा जीवन।
वृक्षों में दिखती अपार एकता, जो मन में जगा दे नई चेतना।
- संजू स्वामी