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अब तो बिना नहाए छककर

Sanjai kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            चलो नहा लो जी भर के, ठंडे ताजे जल में
        
                                                    
                            
सारी गरमी छू-मंतर, हो जाएगी पल में
यह अबोध मन है चंचल, हमें नहाने को उकसाए
अब तो बिना नहाए छककर, दिल को मेरे चैन न आये ।।
एक घंटा पहले
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