चलो नहा लो जी भर के, ठंडे ताजे जल में
सारी गरमी छू-मंतर, हो जाएगी पल में
यह अबोध मन है चंचल, हमें नहाने को उकसाए
अब तो बिना नहाए छककर, दिल को मेरे चैन न आये ।।
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