विज्ञापन

कहते जग से न्यारा झण्डा।

Sanjai kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            प्यारा झण्डा
        
                                                    
                            

यह है अपना प्यारा झण्डा
कहते जग से न्यारा झण्डा
अपने देश की शान यही है
हम सबका अभिमान यही है

ऊपर की केसरिया पट्टी
कहती जीवन बलिदान करो
श्वेत पट्टिका मध्य भाग की
कहती जीवन में शांति भरो

नीचे पट्टी हरे रंग की
हरा-भरा हो अपना देश
लहराये फसलें खेतों में
देती ये संदेश

अशोक चक्र जो बना बीच में,
उसका है ये कहना
बढ़ो निरंतर प्रगति-पथ पर
बिना रुके तुम चलते रहना

तीन रंग का प्यारा झण्डा
सारे जहाँ से न्यारा झण्डा
यह है अपना प्यारा झण्डा
कहते जग से न्यारा झण्डा।
58 मिनट पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Ankit Kumar

10619 कविताएं

View Profile

Shailendra Bhatnagar

369 कविताएं

View Profile

Ravi shankar Sah

49 कविताएं

View Profile