विज्ञापन

इनसे क्या अपराध हुआ

Sanjai kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            बेबस और बेजार जिंदगी,
        
                                                    
                            
कब तक इन्हें रुलाएगी ?
बेहद पीड़ा देगी कब तक,
भूखे पेट सुलायेगी ।

अल्ला रखे सलामत इनको,
इनसे क्या अपराध हुआ ?
कहाँ गई खुशियां बचपन की,
करना इनके लिए दुआ।

––संजय कुमार गुप्त ‘अबोध’
4 घंटे पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Ipsita Bhadauria

37 कविताएं

View Profile

Anil Pandey

461 कविताएं

View Profile

Ankit Kumar

10782 कविताएं

View Profile