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गर्मी की ऋतु आई

Sanjai kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            गरम-गरम मौसम है भाया, गरमी की ऋतु आई।
        
                                                    
                            

देखो धूप से बचकर रहना, करना नहीं ढिठाई ।
मत खाना तुम चाट-पकौड़े, ना ही खाना मिठाई ।
दूषित जल ना पीना तुम, कम खाना बरफ-मलाई ।
सैर-सपाटे का क्षण है ये, फिर भी करो पढ़ाई ।
खाया जो चाट-पकौड़े, या जम के खाई मिठाई ।
इंजेक्शन तो लगेगा ही, पीनी होगी दवाई ।
दूषित जल के पीने से, होगी पेट गड़ाई ।
केवल रोना ही आयेगा, भूलेगी अंगड़ाई ।
बिता दिया जो समय सुहाना,
केवल सैर-सपाटे में ।
भूल जाएगा तुमको सब कुछ, पड़ जाओगे घाटे में ।
अगली कक्षा में है जाना, जमकर करो पढ़ाई ।
गरमी से तुम बचकर रहना, भीषण गरमी आई ।

गरम-गरम मौसम है भाया, गरमी की ऋतु आई ।।
एक घंटा पहले
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