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पावन अयोध्या नगरी

Sandhya Sharma

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                            पावन अयोध्या नगरी...।।
        
                                                    
                            

पावन नगरी अयोध्या में
एक अलौकिक नजारा है
घट - घट में बसे राम जानकी
भूमि में संसार सारा है।।

सरजू तट पर झांकी है
श्री राम की,
तुलसी ने रामायण लिखी
बोलो जय सियाराम की।।

रामघाट की यह सुंदरता
मोहक सुख देती है,
घर - घर बसे राम यहां,
भक्ति मोह लेती है।।

आयोध्या की पावन माटी
में तप की पावनता का
अद्भुत नजारा है।।

अयोध्या की पावन धरा पर
कदम रखते ही पापो को
नाश कर धर्म की ओर आगे
बढ़ने की विचारधारा है।।

भारत के तप
हनुमान की भक्ति
सरयू की कल - कल
धारा है,
यहां हर एक दिल में
रामजी का बसेरा है।।

राम लला जन्मभूमि,
हनुमान गढ़ी, कनक
बिहारी सरकार,जानकी
महल की अनुपम शोभा है।।

जब - जब मन्दिर में
बजे मधुर घंटियां
शंखनाद की ध्वनि,
हर रोम में उठी तरंगे
बोले जय सियाराम की।।

गली - गली द्वार - द्वार पर
सुंदरता का नज़ारा है
चारो धाम का सुख यहां
कौशल्या का लाल प्यारा है।।

जनकपुर की जानकी
अयोध्या का राजकुमार
लक्ष्मण,भरत, शत्रुघन,
जन प्रिय सुकुमार।।

सिया यहां ब्याह कर आई
दशरथ की बड़ी बहू कहलाई
चारो भाईयो के प्रेम यहां
बोलो जय सियाराम की।।

दशरथ के महल में
जन्मे राम यहां,
पावन हुई अयोध्या भूमि
बोलो जय सियाराम की।।

संध्या शर्मा "श्रेष्ठ"
औझर (मध्य प्रदेश)
2 वर्ष पहले
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