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सारे गहने उन सबके ही

Sandeep Singh

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            सारे गहने उन सबके ही
        
                                                    
                            
अपना तो बस नूर
जिंदा रखो स्वप्निल खयाली
मत होने दो उसे दूर
लहर उठेगी चमक दिखेगी
सरिता होगी ही पार
नाव को चलने दो धारा में
मत छोड़ो पतवार
-कुँवर संदीप सिंह
8 महीने पहले
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