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सजग रहो

Sandeep Singh

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            कर्ज से और मर्ज से,
        
                                                    
                            
सजग रहो अलग रहो
बनके दीप सा जालो,
उस जगह अटल रहो
-कुँवर
2 घंटे पहले
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