विज्ञापन

मिल गया एक रस्ता है

Sandeep Singh

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            मिल गया एक रस्ता है, पग मस्ती में जहां चल ले
        
                                                    
                            
साहित्य सुधा की खुशबू, मन की काया में मल ले
जग की सारी ही विवशता, अवसर के जैसा माना
जितना ही ज्यादा सीखा, उतना ही बना अनजाना
दिख गया सरोवर ऐसा, जिसमें सुनीति का जल है
लग जाए उसमें डुबकी, मन में तो उठी हलचल है
भावों शब्दों का मिलन हो, नौका सरोवर में घूमे
आनंद से आह्लादित हो, मानस जीवन में घूमे
-कुँवर
19 घंटे पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Vijay BindaasRaja

192 कविताएं

View Profile

Updesh Kumar

12711 कविताएं

View Profile

Ankit Kumar

10438 कविताएं

View Profile