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गैरों की लालच में फँसकर

Sandeep Singh

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            गैरों की लालच में फँसकर
        
                                                    
                            
छोड़े जाते हैं अपने कब
जब चली जाएगी जवानी ये
कहाँ काम आएंगे सपने तब

- कुँवर संदीप सिंह
18 घंटे पहले
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