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बिन चाह सेवा करो

Sandeep Singh

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            मेवा की ख्वाहिश लिए
        
                                                    
                            
नहिं सेवा का योग
बिन चाह सेवा करो
मिले मेवा का भोग
-कुँवर
एक घंटा पहले
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