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दोस्ती थोड़ी अजब गजब

SANDEEP KUMAR

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            है अपनी दोस्ती थोड़ी अजब गजब
        
                                                    
                            
मिले जब भी फुर्सत बात करें तब
बातों बातों में हर बात हो जाती है
कब शाम हुई पता नहीं चलता
और कब रात हो जाती है
-संदीप
3 वर्ष पहले
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Anil Pandey

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