है अपनी दोस्ती थोड़ी अजब गजब
मिले जब भी फुर्सत बात करें तब
बातों बातों में हर बात हो जाती है
कब शाम हुई पता नहीं चलता
और कब रात हो जाती है
-संदीप
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