समाज की किताबों में
करना कुछ पन्ना अपने नाम
उसे तुम अपने मेहनत की स्याही से लिखना
दूसरों के चले रास्ते मत चुनना
तुम अपना आसमान खुद चुनना
समाज कभी कहा किसी से खुश रहा
अच्छी चीजों पर भी उछालता कीचड़ रहा
वो तभी तक तुम्हारे साथ
जब तक करो उनके नीचे काम
फिर क्यों देते समाज की बातों पर ध्यान
जो हार में उछालता कीचड़
जीत में तुम्हारे साथ
समाज की किताब मे
करना कुछ पन्ना अपने नाम