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चुनावी सरगर्मियाँ

Sakshi Jaiswal

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            शोर सुना है मैंने भी की अबकी बार सरकार बनेंगे,,
        
                                                    
                            
बरसों तक जो दबे रहे वो मुद्दे अब प्रचार बनेंगे।।

अखबारों के पन्ने अब रोजगार के समाचार से सजेंगे,,
झूठे वादे करने वाले अब सच्चे कपटी मक्कार बनेंगे।।

मुद्दा-ए सियासत पर ज्ञानी तुम्हें भरमार मिलेंगे,,
चुनावी रंगो में रंगे सियासती दल सत्कार करेंगे।।

सत्ता के भूखे शेरों को जनता से शिकार मिलेंगे,,
जीत तो उनकी निश्चित है पर तुमको अंततः हार मिलेंगे।।

"मुद्दा अभी गरम है" ...कहने वाले पत्रकार मिलेंगे,
शोर सुना है मैंने भी की अबकी बार सरकार बनेंगे।।
4 महीने पहले
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Anil Pandey

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