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दर्द की दास्तान सिमट जाए पिघल कर ।।

Sahdeo Singh

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            वक्त से बस गुजारिश है इतनी
        
                                                    
                            
अब तो जीने का सहारा इतना दे दो
पल भर के सुकून के बदले
मेरे जीवन पर इतना रहम कर दो
जख्म इतना भी ना दो कि
सहना भी हो जाए मुश्किल
एक रहमत जो हो जाए मुझ पर
दर्द की दास्तान सिमट जाए पिघल कर ।।
एक दिन पहले
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